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कैसे पहचानें ईंट अच्छी है या नहीं? - 7 आसान टेस्ट जो हर घर बनाने वाले को जानने चाहिए

"घर बनाने वालों के लिए – आसान घरेलू तरीकों से रेड ब्रिक और फ्लाई ऐश ब्रिक की असली क्वालिटी पहचानें"

क्या आप अपना नया घर बना रहे हैं या पुराने मकान की मरम्मत करवा रहे हैं?

ईंट खरीदना आसान लग सकता है, लेकिन ज़रा सोचिए - अगर क्वालिटी खराब हुई तो आपकी पूरी मेहनत, समय और पैसे पर पानी फिर सकता है! घर की दीवारें तो ईंटों पर टिकी होती हैं, फिर भला क्वालिटी से समझौता क्यों?

जहाँ एक तरफ दुकानदार बढ़ा–चढ़ाकर हर ईंट को ‘A ग्रेड’ बताते हैं, वहीं असलियत में हर ईंट एक जैसी नहीं होती। ग़लत ब्रिक चुनना मतलब दीवार में दरारें, सीलन, पेंट की खराबी और कई बार दीवार की टूट-फूट भी!

इसलिए यहाँ हम आपको बताने जा रहे हैं 7 ऐसे आसान, लेकिन सबसे ज़रूरी टेस्ट, जो आप खुद साइट पर खड़े होकर कर सकते हैं - किसी लैब या इंजीनियर की जरूरत नहीं पड़ेगी। ये टेस्ट रेड ब्रिक और फ्लाई ऐश दोनों के लिए काम करते हैं।

ईंट की क्वालिटी जांचना ज़रूरी क्यों है?

  • मजबूती: मजबूत ईंटें दीवारों और छतों का बेस मजबूत बनाती हैं।
  • लंबी उम्र: खराब गुणवत्ता वाली ईंटें जल्दी टूटती हैं, जिससे दीवारों में दरारें और सीलन होती है।
  • पैसे की बचत: अच्छी ईंट पर खर्च करने का मतलब भविष्य में रिपेयरिंग पर कम खर्च।

कोई भी कॉन्ट्रैक्टर, मिस्त्री या मकान मालिक यह गलती न करे कि "सिर्फ रंग देखकर या दुकान वाले की बात पर विश्वास करकेईंटें खरीद लीं"। पक्का मकान चाहिए तो ईंटें खुद जांचें।

1. आंखों से पहचानें—रंग, आकार और सतह

  • आकार: सभी ईंटें एक जैसा आकर और संतुलित कोनों वाली होनी चाहिए।
  • रंग:
    • रेड ब्रिक में गहरा लाल/संतरी रंग अच्छा माना जाता है।
    • ज्यादा काला रंग (over-burnt) या हल्का/पीलापन (under-burnt) अवॉयड करें।
    • फ्लाई ऐश ब्रिक्स हल्के ग्रे रंग की और रंग में एकसार होनी चाहिए।
  • सतह: ईंट की सतह में बड़े छेद या दरारें, गड्ढे या उबड़-खाबड़ न हों।

प्रैक्टिकल टिप: 10 ईंटों को लाइन में लगा दें - अगर सारी ईंटें सही आकार की हैं तो लाइन एकदम सीधी रहेगी।

2. आवाज़ से पहचान—दो ईंटों को ठोकिए

दो ईंटों को आपस में टकराइए।

  • सही ईंट: साफ, धातु जैसी ‘टिंग’ आवाज़ निकले तो वही लीजिए।
  • खराब ईंट: टकराने पर भद्दी, भारी या डम्प जैसी आवाज़ आए - मत खरीदिए।

3. गिराने का टेस्ट—मजबूती की असली परीक्षा

एक ईंट को लगभग एक मीटर (कमर की ऊँचाई) से नीचे पत्थर या सीमेंट के फर्श पर गिराएँ।

  • परीक्षा पास: ईंट सही-सलामत रहनी चाहिए।
  • फेल: तुरत टूट जाए या बिखर जाए तो ये ईंट घर के बोझ को सहन नहीं कर पाएगी।

4. पानी में डुबोकर देखें—Water Absorption टेस्ट

यह विशेष रूप से बारिश के मौसम के लिहाज से ज़रूरी है।

  • सूखी ईंट को तौल लें (या अंदाजे से वजन देखें)।
  • फिर उसी ईंट को 24 घंटे पानी में डुबोकर रखें।
  • दुबारा तौलें या देखें कि खूब भारी तो नहीं हुई?
  • रेड ईंट: 20% से ज़्यादा पानी नहीं सोखनी चाहिए।
  • फ्लाई ऐश ईंट: 15% से कम पानी सोखे तो बेस्ट।

बहुत ज्यादा पानी सोखने वाली ईंटें दीवारों में सीलन, सीपेज और कमजोर ढांचा देती हैं।

5. खरोंच टेस्ट - मजबूती हाथों में

  • अपनी चाबी या लोहे की कोई चीज लेकर ईंट पर तेज़ खरोंचें।
  • अच्छी ईंट आसानी से पाउडर नहीं बनाएगी या उस पर गहरी लाइन नहीं आएगी।
  • अगर ईंट झट से रगड़ में पाउडर छोडे या उसमें बड़ा निशान बन जाए, तो ये कमजोर है।

6. किनारे और कोनों की सत्यता देखें

ईंट के कोने तेज, एक जैसे और कटे-फटे न हों। यदि कई ईंटों के कोने टूटे, गोल या खराब दिखें तो सप्लायर बदल दीजिए।

7. नमक/सफेद दाग टेस्ट (Efflorescence Test)

ये ईंट के अंदर घुले हुए नमक की सही पहचान करता है।

  • ईंट को किसी छोटी ट्रे में रखें, थोड़ा सा पानी डालें (नीचे 2-3 mm तक) और कुछ दिन धूप में रख दें।
  • अगर ईंट की सतह पर सफेद, पाउडर जैसे चिह्न बन जाएं तो ईंट में घुलनशील (soluble) salts काफी हैं।
    • हल्का सफेद: ठीक है।
    • बहुत ज्यादा सफेद दाग: ये ईंट ना लें। ये दीवारों पर बाद में कलर, प्लास्टर या पेंट खराब कर सकती है।

बोनस: ईंट का वजन और फील

ईंट हाथ में भारी और घनी लगे। हल्की, रूखी ईंट कमज़ोर होगी।

रेड ब्रिक vs फ्लाई ऐश ब्रिक: बुनियादी तुलना

परीक्षणरेड ब्रिकफ्लाई ऐश ब्रिक
एकरूपताकभी-कभी कम, वैरी करता हैज़्यादा सुसंगत (Consistent)
रंगगहरा लाल ज़रूरीहल्का ग्रे
आवाज़टिंग/मेटल जैसीटिंग/मेटल जैसी
गिराने परअक्सर सहीज़्यादा मजबूत
सोखने की क्षमता20% (max)15% (max)
खरोंचमध्यम मजबूतीबेहतर हार्डनेस
सफेद दागसाधारण मात्रा तक ठीककम होता है

कुछ स्मार्ट सलाहें:

  • पाइल (stack) के बीच की, नीचे की, ऊपर की—हर जगह से ईंट देखकर चेक करें।
  • Bulk में लेने से पहले, 10–15 ईंटों की Quality मिलाएं।
  • डिलीवरी पर पुरी खेप में Random samples पर सारे टेस्ट करें।
  • जरूरत हो तो अपने मिस्त्री या Trusted Supplier (जैसे M.K.B. Udyog) से सलाह लें।

सामान्य सवाल-जवाब

Q: क्या ये टेस्ट केवल घर के लिए हैं?

A: नहीं, किसी भी बिल्डिंग या कमर्शियल प्रोजेक्ट के लिए भी ये टेस्ट अपनाएं।

Q: Supplier का नाम बड़ा है, फिर भी Quality चेक जरूरी है?

A: हां! बड़ा नाम—Quality की गारंटी नहीं।

Q: अधिकतर ईंटें पास, कुछ फेल—क्या करें?

A: थोड़ा variation चलता है। लेकिन हर 10 में से एक खराब हो तो खेप बदलवा लें।

निष्कर्ष

घर की दीवारों की असली ताकत 'ईंटों' में है। ऊपर बताए 7 आसान टेस्ट जरूर करें, ताकि आपका मकान मजबूत और टिकाऊ रहे।

अगर आप गया या आसपास में घर बना रहे हैं, और Premium Quality ईंटें चाहिएँ—M.K.B. Udyog से संपर्क जरूर करें। भरोसे के साथ घर बनाइए!

M.K.B. Udyog

Bagahi, Cherki, Gaya

+91-9818478918

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